राष्ट्रपति प्रणव
मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन के
ऐतिहासिक दरबार हाल में 15
खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार, पांच
कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार और तीन
पूर्व खिलाड़ियों को ध्यानचंद पुरस्कार से शुक्रवार
को सम्मानित किया लेकिन इस वर्ष
किसीभीखिलाड़ीकोदेश
का सर्वोच्च राजीव
गांधी खेल रत्न पुरस्कार
नहीं दिया गया।
अर्जुन पुरस्कारों को लेकर इस वर्ष
काफी विवाद उठे लेकिन
केन्द्रीय खेल मंत्रालय ने प्रतिष्ठित
अर्जुन और द्रोणाचार्य पुरस्कारों को लेकर उठे तमाम
विवादों को दरकिनार करते हुए इन पुरस्कारों के लिए
चयन समितियों की सिफारिशों को मंजूर
करते हुए उन पर
अपनी आखिरी मुहर
लगीदीथीऔर
ये खिलाड़ी आज अर्जुन बन गए।
राष्ट्रपति ने हाकी के जादूगर मेजर
ध्यानचंद के जन्मदिन यानी खेल दिवस
पर 15 खिलाडिय़ों को अर्जुन पुरस्कार, पांच
कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार, तीन
खिलाडियों को ध्यानचंद पुरस्कार और चार संस्थाओं
को राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार
प्रदान किया। इसके अलावा तेनजिंग नोर्गे साहस
पुरस्कार और मौलाना अबुल कलाम आजाद
ट्राफी भी प्रदान
की गई।
अर्जुन, द्रोणाचार्य, ध्यानचंद और तेनजिंग नोर्गे
साहस पुरस्कारों में प्रतिमा, प्रशस्ति पत्र और पांच
लाख रुपए की पुरस्कार
राशि दी गई
जबकि राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन
पुरस्कार में ट्राफी प्रदान
की गई। अबुल कलाम आजाद
ट्राफी के लिए
ट्राफी तथा दस लाख रुपए प्रदान किए
गए। इस वर्ष
किसीभीखिलाड़ीकोदेश
का सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव
गांधी खेल रत्न
नहीं दिया गया क्योंकि चयन समिति ने
इस पुरस्कार के लिए
किसीभीखिलाड़ीके
नाम की सिफारिश
नहीं की थी।
Friday, 29 August 2014
15 खिलाड़ी बने अर्जुन, 5 द्रोणाचार्य लेकिन कोई खेल रत्न नही
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president news
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